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Sunday, September 18, 2011

कभी देखा है ऐसा साँप?

बलरामपुर, उत्‍तर प्रदेश में मिला ग्रीन कीलबैक साँप

बलरामपुर, उत्‍तर प्रदेश के पूर्वी सोहेलवा वन्‍य जीव प्रभाग के जरवा क्षेत्र में एक दुर्लभ प्रजाति का साँप पाया गया है। सोहेलवा के घने जंगलों से निकल पर सड़क पर आया यह साँप एक से डेढ़ सेमी मोटा व पाँच से छ- फिट लम्‍बा है। यह गहरे हरे रंग का है। इस क्षेत्र में इस तरह का साँप पहली बार देखा गया है।

स्‍थानीय प्रभागीय वन अधिकारी जावेद के अनुसार इस साँप का नाम ग्रीन कीलबैक है और यह वन विभाग की चौथी अनुसूची में अंकित है। उनके अनुसार यह साँप जहरीला नहीं होता है।

जबकि स्‍थानी प्राणी विशेष राघवेन्‍द्र मणि दीक्षित इस साँप को लेकर लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। उनके अनुसार इस साँप का नाम ग्रीन आर्क बम्‍बू पीट वाइपर है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ट्राइमेरीसरस ग्रेमिनियस कहा जाता है। उनका कहना है कि उक्‍त साँप खतरनाक तो है, पर जानलेवा नहीं है। इसका जहर 24 घंटे में अपने आप उतर जाता है। यह साँप काटता नहीं वरन पिंच करता है, जिससे असहनीय पीड़ा होती है।

ग्रीन कीलबैक सांप का भोजन कीड़े-मकोड़े तथा छोटे स्‍तनपाई जीव हैं। अत्‍यधिक भूखा होने पर यह छोटे साँपों को भी खा जाता है। इसकी लम्‍बाई 1000 से 1200 मिलीमीटर तक हाती है। विशेष परिस्थितियों में इसकी लम्‍बाई व मोटाई अधिक भी हो सकती है।
अगर आपको 'सर्प संसार' का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ।

24 comments:

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

बहुत सुन्दर

चैतन्य शर्मा said...

कमाल का है यह सांप तो....

ali said...

'चलने' वालों के साथ रहते हुए 'रेंगने' वाले को ना देखने का कोई गम नहीं :)

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" said...

jis din blog jagat se juda tha us din jo pahla blog padha tha wp sarp sansaar hi tha..aaj itne dino baad punah aaker accha laga..itna lamba to nahi per aisa saanp chennai ke snake garden me dekha tha..per shayad ye alag hai..aisi baatein jaankar accha lagta hai..hardikbadhayee ke sath

मनोज कुमार said...

रोचक तथ्यों की जानकारी मिली।

mahendra verma said...

वन अधिकारी जावेद की बात सही लग रही है, यह ग्रीन फील बैक है।

डॉ0 विजय कुमार शुक्ल ‘विजय’ said...

जावेद जी सही है. पिट viper इतने लम्बे नहीं होते और गौर से देखने par भी कही पिट नज़र नहीं आ रहा है .

Arvind Mishra said...

फील बैक नहीं भैया लोगों कील बैक -हाँ हाँ ग्रीन कीलबैक -यही सांप है -ग्रीन पिट वाईपर नहीं ...यह पंडित जी भी जानते हैं बस जानबूझ कर भरम फैला रहे हैं ....:)अब फील गुड करिए भाई लोगों ....

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') said...

अरिविंदजी, इस भ्रम को दूर करने का शुक्रिया।

Suresh kumar said...

कमाल का सांप है यह तो ...
ऐसा सांप दिखने के लिए धन्यवाद् ...

P.N. Subramanian said...

इस सांप से मेरी जान पहचान तब बनी जब क्रोटन के पौधों के ऊपर से हाथ फेरते हुए चल रहा था और अचानक वह मेरी मुट्ठी में आ गया था.

डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह said...

AAPbhi sachmuch kamalkarte ho,kitni naslo ke sspo ki jankari dhoond karlana koi aasan baat to nahi.aapke is jazbe ko salam.
dr.bhoopendra
rewa

veerubhai said...

अच्छी और नै जानकारी .आभार !

आशा जोगळेकर said...

ग्रीन कीलबैक के बारे में जान कर ज्ञान वृध्दी हुई ।

विजयपाल कुरडिया said...

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये............
प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये ..मेरी और से भी बधाहिया सवीकार कीजिये

विजयपाल कुरडिया said...

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये............
प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये ..मेरी और से भी बधाहिया सवीकार कीजिये

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

आपको गोवर्धन अथवा अन्नकूट पर्व की हार्दिक मंगल कामनाएं,

मनीष कुमार ‘नीलू’ said...

सांप के बारे में जानकारी देने के लिए धन्यबाद
सुन्दर आलेख
आभार
मेरे ब्लॉग पे आपका स्वागत है ..
www.mknilu.blogspot.com

प्रेम सरोवर said...

आपके पोस्ट पर आना सार्थक लगा । मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है । सादर।

mohammed ashraf said...

a snake karnataka ke jungle ilake mey milega.

Naveen Mani Tripathi said...

Mishra ji bahut bahut abhar ... apka yh blog kafi dilchasp hai ... badhai.

Naveen Mani Tripathi said...

Mishra ji bahut bahut abhar ... apka yh blog kafi dilchasp hai ... badhai.

vidha-vividha said...

बहुत प्यारा है यह सांप तो.

NISHA MAHARANA said...

waah.bahut achcha blog.