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| बलरामपुर, उत्तर प्रदेश में मिला ग्रीन कीलबैक साँप |
बलरामपुर, उत्तर प्रदेश के पूर्वी सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के जरवा क्षेत्र में एक दुर्लभ प्रजाति का साँप पाया गया है। सोहेलवा के घने जंगलों से निकल पर सड़क पर आया यह साँप एक से डेढ़ सेमी मोटा व पाँच से छ- फिट लम्बा है। यह गहरे हरे रंग का है। इस क्षेत्र में इस तरह का साँप पहली बार देखा गया है।
स्थानीय प्रभागीय वन अधिकारी जावेद के अनुसार इस साँप का नाम ग्रीन कीलबैक है और यह वन विभाग की चौथी अनुसूची में अंकित है। उनके अनुसार यह साँप जहरीला नहीं होता है।
जबकि स्थानी प्राणी विशेष राघवेन्द्र मणि दीक्षित इस साँप को लेकर लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। उनके अनुसार इस साँप का नाम ग्रीन आर्क बम्बू पीट वाइपर है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ट्राइमेरीसरस ग्रेमिनियस कहा जाता है। उनका कहना है कि उक्त साँप खतरनाक तो है, पर जानलेवा नहीं है। इसका जहर 24 घंटे में अपने आप उतर जाता है। यह साँप काटता नहीं वरन पिंच करता है, जिससे असहनीय पीड़ा होती है।
ग्रीन कीलबैक सांप का भोजन कीड़े-मकोड़े तथा छोटे स्तनपाई जीव हैं। अत्यधिक भूखा होने पर यह छोटे साँपों को भी खा जाता है। इसकी लम्बाई 1000 से 1200 मिलीमीटर तक हाती है। विशेष परिस्थितियों में इसकी लम्बाई व मोटाई अधिक भी हो सकती है।
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